ਸ਼ਰਾਬ ਮਾਫੀਆ ਨੇ – ਕੁੜੀ ਨੂੰ ਨੰਗੀ ਕਰਕੇ ਦਿੱਲੀ ਦੀਆਂ ਸੜਕਾਂ ਤੇ 1 ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਭਜਾਇਆ

ਕੁੜੀ ਨੂੰ ਨੰਗੀ ਕਰਕੇ ਦਿੱਲੀ ਦੀਆਂ
ਸੜਕਾਂ ਤੇ 1 ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਭਜਾਇਆ

A woman who helped the Delhi Commission for Women (DCW) and police to bust an illicit liquor racket in outer Delhi’s Narela, was today allegedly beaten and her clothes torn by other women of the locality who apparently were involved in bootlegging, police said.

Terming the incident as “shocking and shameful”, Chief Minister Arvind Kejriwal today urged Lt Governor Anil Baijal to intervene and take action against local policemen who were allegedly colluding with those running the racket.

Police have registered a case under various sections of the Indian Penal Code against the women involved in the incident.

DCW chief Swati Maliwal has alleged that the woman had tipped off the Commission about illegal liquor sale during an inspection in Narela area last night after which she was today attacked by a mob of over 25 people and was assaulted with iron rods.

ਆਹ ਤਾਂ ਕਲੋਲ ਹੋ ਗਈ-ਜੈਮਾਲਾ ਕਿਸੇ ਦੇ ਪਾਈ ਤੇ ਵਿਆਹ ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਨਾਲ ਕਰਾ ਲਿਆ !!

ਵਿਆਹ ਦਾ ਦਿਨ ਹਰ ਇਨਸਾਨ ਦੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਅਹਿਮ ਦਿਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਕਿਉਂ ਕਿ ਇਸ ਦਿਨ ਦੋ ਜ਼ਿੰਦਗੀਆਂ ਆਪਸ ਵਿੱਚ ਜੁੜਦੀਆਂ ਹਨ ਤੇ ਇੱਕ ਨਵੀਂ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਦੇ ਹਨ।ਪਰ ਕੋਈ ਔਰਤ ਇੱਕ ਟਾਈਮ ‘ਤੇ ਦੋ-ਦੋ ਵਿਆਹ ਕਰੇ।ਇਹ ਸੁਣ ਕੇ ਕੁੱਜ ਹਜਮ ਜਿਹਾ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ।ਜੀ ਹਾਂ ਅਜਿਹਾ ਹੀ ਮਾਮਲਾ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਗਵਾਲੀਅਰ ਸ਼ਹਿਰ ਦਾ। ਜਿਥੇ 18 ਘੰਟੇ ਤੱਕ ਵਿਆਹ ਦਾ ਡਰਾਮਾ ਚੱਲਿਆ।ਬਰਾਤ ਕੁੜੀ ਦੇ ਦਰਵਾਜੇ ਉੱਤੇ ਪਹੁੰਚੀ ਅਤੇ ਜੈਮਾਲਾ ਦੀ ਰਸਮ ਵੀ ਹੋ ਗਈ।ਫੇਰਿਆਂ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਲਾੜੀ ਅਤੇ ਲਾੜਾ ਪੱਖ ਵਿੱਚ ਇੰਨਾ ਵਿਵਾਦ ਹੋਇਆ।ਜਿਸਦੇ ਬਾਅਦ ਲਾੜੀ ਪੱਖ ਨੇ ਲਾੜੇ ਨੂੰ ਮੁੜਦੇ ਹੋਏ ਵਿਆਹ ਤੋਂ ਇਨਕਾਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ।ਪਰ ਜਦੋਂ ਆਪਣਾ ਭਵਿੱਖ ਖ਼ਰਾਬ ਹੁੰਦਾ ਵੇਖ ਲਾੜੀ ਰੋਣ ਲੱਗੀ ਤਾਂ ਪਰਿਵਾਰ ਵਾਲਿਆਂ ਨੇ ਦੂਜੇ ਲਾੜੇ ਨੂੰ ਲੱਭ ਕੇ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ।ਰੈਡੀਮੇਡ ਸ਼ੂਟ ਅਤੇ ਕੱਪੜੇ ਦਿਵਾ ਕੇ ਵਿਆਹ ਵੀ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ।ਇਸ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਜੈਮਾਲਾ ਵੀ ਹੋ ਗਈ ਸੀ-ਦਰਅਸਲ ,ਗਵਾਲੀਅਰ ਦੇ ਨਿੰਬਾਜੀ ਦੀ ਗੁਫ਼ਾ ਦੇ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਕਲਿਆਣ ਸਿੰਘ ਤਿਆਗਣਾ ਨੇ ਧੀ ਪਿੰਕੀ ਦੇ ਵਿਆਹ ਕਿਸ਼ਨ ਤਿਆਗਣਾ ਨਾਲ ਇੱਕ ਸਾਲ ਪਹਿਲਾਂ ਤੈਅ ਕੀਤਾ ਸੀ।30 ਨਵੰਬਰ ਨੂੰ ਲਗਨ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਨਿੱਬੜਿਆ ਸੀ।ਸੋਮਵਾਰ ਰਾਤ ਨੂੰ ਕਿਸ਼ਨ ਦੀ ਬਰਾਤ ਪਿੰਕੀ ਦੇ ਦਰਵਾਜੇ ਉੱਤੇ ਪਹੁੰਚ ਗਈ।ਪਿੰਕੀ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਵਾਲਿਆਂ ਨੇ ਬਰਾਤ ਦਾ ਆਦਰ ਸਵਾਗਤ ਕੀਤਾ,ਜੈਮਾਲਾ ਵੀ ਹੋ ਗਈ।ਰਾਤ 1 ਵਜੇ ਫੇਰਿਆਂ ਦਾ ਮਹੂਰਤ ਸੀ।ਪਰ ਦੋਨਾਂ ਪੱਖਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸਟੇਜ ਵਲੋਂ ਹੀ ਗੱਲ ਵਿਗੜਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਈ।ਦੁਲਹਨ ਦੇ ਮਾਮੇ ਸਟੇਜ ਵਲੋਂ ਪਿੰਕੀ ਨੂੰ ਲੈ ਜਾ ਰਹੇ ਸਨ , ਉਦੋਂ ਲਾੜੇ ਦੇ ਭਰਾ ਨੇ ਉਸਨੂੰ ਰੋਕ ਕੇ ਸਟੇਜ ਉੱਤੇ ਅਸ਼ੀਰਵਾਦ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਫੋਟੋ ਖਿਚਵਾਉਣ ਲਈ ਕਿਹਾ।ਮਾਮਾ ਬੋਲਿਆ–ਫੇਰਿਆਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ । ਇਸਦੇ ਬਾਅਦ ਝਗੜਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਿਆ।ਮਾਮੇ ਨੇ ਕਿਹਾ–ਲਾੜੇ ਦੇ ਭਰਾ ਕਾਮਦੇਵ ਨੇ ਹੱਥੋਪਾਈ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਉਸਦੇ ਸਾਢੂ ਨੇ ਗੋਲੀ ਚਲਾਈ ਅਤੇ ਬੰਦੂਕ ਮੇਰੇ ਸੀਨੇ ਉੱਤੇ ਰੱਖ ਦਿੱਤੀ।ਇੱਥੋਂ ਉਹ ਲਾੜੇ ਨੂੰ ਘਰ ਲੈ ਗਏ ਅਤੇ ਵਿਆਹ ਤੋਂ ਇਨਕਾਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ।ਲਾੜੀ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਲਾੜਾ ਲੰਗੜਾ ਕੇ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਸੀ,ਇੱਕ ਵਾਰ ਡਿੱਗ ਵੀ ਪਿਆ ਸੀ।ਅਜਿਹਾ ਲੱਗਦਾ ਸੀ ਕਿ ਉਹ ਵਿਕਲਾਂਗ ਸੀ। ਇਹ ਗੱਲ ਹੁਣ ਤੱਕ ਛਿਪਾਈ ਗਈ ਸੀ।ਇਸ ਉੱਤੇ ਲਾੜਾ ਪੱਖ ਨੇ ਹੰਗਾਮਾ ਕੀਤਾ।ਪੁਲਿਸ ਆਈ ਤੋਂ ਪੱਖਾਂ ਨੇ ਥਾਣੇ ਵਿੱਚ ਲਿਖਕੇ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਉਹ ਵਿਆਹ ਨਹੀਂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹਨ।ਪਹਿਲਾ ਲਾੜਾ ਪੰਡਾਲ ਦੇ ਬਾਹਰ ਇੱਕ ਘਰ ਵਿੱਚ ਬੈਠਾ ਰਿਹਾ-ਲਾੜੀ ਬੇਸੁਧ ਹੋਈ ਤਾਂ ਮਾਮੇ ਦੀ ਧੀ ਦੇ ਸਹੁਰਾ-ਘਰ ਦਾ ਇੱਕ ਨੌਜਵਾਨ ਰਵੀ ਵਿਆਹ ਲਈ ਰਾਜੀ ਹੋ ਗਿਆ । ਉਸਦੇ ਲਈ ਨਵੇਂ ਕੱਪੜੇ ਸ਼ੂਟ ਖਰੀਦਿਆ ਅਤੇ ਵਿਆਹ ਕਰਾਇਆ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਪਹਿਲਾ ਲਾੜਾ ਕਿਸ਼ਨ ਮੁਹੱਲੇ ਦੇ ਬਾਹਰ ਇੱਕ ਘਰ ਵਿੱਚ ਬੈਠਾ ਰਿਹਾ।ਲੜਕੀ ਕਹਿੰਦੀ-ਲਾੜਾ ਸਹੀ ਤਰੀਕੇ ਨੱਲ ਚੱਲ ਨਹੀਂ ਪਾ ਰਿਹਾ ਸੀ।ਮੇਰੇ ਮਾਮੇ ਦੀ ਸੀਨੇ ਉੱਤੇ ਬੰਦੂਕ ਰੱਖ ਦਿੱਤੀ।ਅਜਿਹੇ ਘਰ ਵਿੱਚ ਜਾਕੇ ਮੈਂ ਕੀ ਕਰਦੀ,ਮੇਰਾ ਜੀਣਾ ਹਰਾਮ ਕਰ ਦਿੰਦੇ।ਪਰ ਹੁਣ ਮੈਂ ਕੀ ਕਰਾਂ,ਮੇਰਾ ਜੀਵਨ ਬਰਬਾਦ ਕਰ ਦਿੱਤਾ।ਮੇਰੀ ਕੀ ਗਲਤੀ ਹੈ।

ਵੀਡੀਓ – ਇਸ ਘਟਨਾ ਨੇ ਵਾਕਿਆ ਹੀ ਸਾਬਤ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਕੇ ਪਰਮਾਤਮਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ

ਇਸ ਘਟਨਾ ਨੇ ਵਾਕਿਆ ਹੀ ਸਾਬਤ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਕੇ ਪਰਮਾਤਮਾ ਹੁੰਦਾ ….

दोस्तों बच्चो को भगवान का रूप कहा जाता है लेकिन इस बात को अब बहुत कम लोग मानते है क्योंकि अगर दुनिया के सभी लोग बच्चो को भगवान का रूप मानते तो उन्हें यूँ व्यस्त सडकों पर न छोड़ते.आज हम आपको एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहे है जिसे पढकर एक पल के लिए तो आपकी सांसे थम जाएगी लेकिन अगले ही पल भगवान का चमत्कार देखकर आपको यकीन हो जाएगा की वाकई में आज भी भगवान मौजूद है.


मौजूदा खबर अनुसार बता दें कि बॉलीवुड की एक मशहूर फिल्म आनंद का डायलॉग है “जिंदगी और मौत तो ऊपर वाले के हाथ में है जहांपनाह, इसे ना आप बदल सकते है और ना ही मैं”. जो काफी हद तक सही भी है क्योंकि इस दुनिया में ऐसे ऐसे भयानक हादसे हुए है, जिसमें लोगो का बच पाना मुश्किल था, लेकिन फिर भी वे लोग आज भी जिंदा है. ऐसा कहा जाता है कि जिसकी मौत जब लिखी होती है तब ही होती है.


आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वैसे आज हम आपके सामने एक वायरल विडियो की बात कर रहे है. इस वायरल विडियो में एक छोटा सा बच्चा है जो सड़क पर घूम रहा है, थोड़ी दूर जाने के बाद वो बच्चा सड़क पर गिर जाता है. जैसे ही बच्चा निचे गिरता है उसके ऊपर से एक गाड़ी निकलती है लोगो को लगता है बच्चा इतनी भारी गाड़ी के वजन में कुचल कर दम तोड़ देगा लेकिन ऐसा नहीं होता है, गाड़ी निकल जाती है और बच्चा फिर से खड़ा होता है और चलने लग जाता है जैसे कुछ हुआ ही नही हो.


गौरतलब है कि शायद ये भगवान का चमत्कार ही था कि बच्चा गाड़ी आने के एकदम पहले गिरता है फिर उसके ऊपर से गाड़ी निकलती है और वो बच्चा फिर खड़ा होता है और अपनी धुन में चलने लगता है. दरअसल ये विडियो एक सीसीटीवी फुटेज का है, विडियो रायपुर का बताया जा रहा है. इस विडियो को देखने के बाद सबको वो कहावत याद आती है कि “जाको रखे साइयां मार सके ना कोई”.

देखिये वीडियो !!

बताते चलें कि अक्सर लोगो को भगवान होने और ना होने के ऊपर तर्क करते हुए देखा जाता है लेकिन जब इस तरह की घटनाएं लोगो के सामने हो जाती है तो फिर हर कोई भगवान का चमत्कार देखकर सोचने पर मजबूर हो जाता है. हालाँकि ये जरुरी नहीं है कि भगवान के होने ना होने पर शक किया जाए, क्योंकि इतनी बड़ी दुनिया को चलाने वाला कहीं ना कहीं, कोई ना कोई जरुर बैठा है फिर चाहे उसे आप भगवान कहो, अल्लाह कहो या फिर गॉड कहो बात एक ही है.

ਬਾਲੀਵੁੱਡ ਦੇ ਇਸ ਮਸ਼ਹੂਰ ਹੀਰੋ ਦੀ ਹੋਈ ਮੌਤ ਪੂਰਾ ਦੇਸ਼ ਸਦਮੇ ਚ..

मुंबई: बॉलीवुड के पितामह पृथ्वीराज कपूर के सबसे छोटे बेटे और वेट्रन एक्टर शशि कपूर का 79 साल की उम्र में सोमवार को निधन हो गया। शशि कपूर राज कपूर और शम्मी कपूर के सबसे छोटे भाई थे। वह काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। वह पिछले 3 हफ्ते से अस्‍पताल में भर्ती थे. वह 79 वर्ष के थे.

शशि कपूर का जन्म 18 मार्च 1938 को कोलकाता में हुआ था. और उनके तीन बच्‍चे करण कपूर, कुणाल कपूर और संजना कपूर हैं. शशि कपूर को साल 2014 में चेस्‍ट इंफेक्‍शन हुआ था और साथ ही इसी समय उनकी बायपास सर्जरी भी की गई थी. शशि कपूर ने 160 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया और अपने अभिनय के चलते उन्‍हें 3 बार राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार दिया जा

शशि कपूर का असली नाम बलबीर राज कपूर था। उन्होंने बतौर चाइल्ड एक्टर अपने भाई राज कपूर की फिल्म ‘आवारा’ और ‘आग’ में काम किया था। साल 2011 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया था। साल 2015 में उन्हें 2014 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

शशि कपूर मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती थे। शशि कपूर को साल 2014 से चेस्ट में तकलीफ थी। इससे पहले उनकी बायपास सर्जरी भी हुई थी। उनके निधन का समाचार मिलते ही उनके भतीजे ऋषि कपूर दिल्ली में अपनी फिल्म की शूटिंग छोड़ मुंबई रवाना हो गए। 1984 में पत्नी जेनिफर की कैंसर से मौत के बाद शशि कपूर काफी अकेले रहने लगे थे और उनकी तबीयत भी बिगड़ती गई। बीमारी की वजह से शशि कपूर ने फिल्मों से दूरी बना ली। शशि के तीन बच्चे करण कपूर, कुनाल कपूर और संजना कपूर हैं।

शशि अपने पिता के ‘पृथ्वी थियेटर्स’ से एक्टिंग की शुरुआत की थी। शशि कपूर ने गैर परम्परागत किस्म की भूमिकाओं के साथ सिनेमा के परदे पर आगाज किया था। उन्होंने सांप्रदायिक दंगों पर आधारित फिल्म ‘धर्मपुत्र’ में काम किया था। उसके बाद चार दीवारी और प्रेमपत्र जैसी ऑफ बीट फिल्मों में नजर आये। वे हिंदी सिनेमा के पहले ऐसे अभिनेता थे जिन्होंने ‘हाउसहोल्डर’ और ‘शेक्सपियर वाला’ जैसी अंग्रेजी फिल्मो में मुख्या भूमिकाएं निभाईं।

70 के दशक में शशि कपूर और अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘दीवार’ सुपरहिट रही। इसके अलावा उन्होंने ‘सत्य शिवम सुंदरम’, ‘नमक हलाल’, ‘जब-जब फूल खिले’ और ‘कभी-कभी’ जैसी सुपर हिट फिल्मों में काम किया था।

ਬਾਲੀਵੁੱਡ ਦੇ ਇਸ ਮਸ਼ਹੂਰ ਹੀਰੋ ਦੀ ਹੋਈ ਮੌਤ ਪੂਰਾ ਦੇਸ਼ ਸਦਮੇ ਚ

मुंबई: बॉलीवुड के पितामह पृथ्वीराज कपूर के सबसे छोटे बेटे और वेट्रन एक्टर शशि कपूर का 79 साल की उम्र में सोमवार को निधन हो गया। शशि कपूर राज कपूर और शम्मी कपूर के सबसे छोटे भाई थे। वह काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। वह पिछले 3 हफ्ते से अस्‍पताल में भर्ती थे. वह 79 वर्ष के थे.

शशि कपूर का जन्म 18 मार्च 1938 को कोलकाता में हुआ था. और उनके तीन बच्‍चे करण कपूर, कुणाल कपूर और संजना कपूर हैं. शशि कपूर को साल 2014 में चेस्‍ट इंफेक्‍शन हुआ था और साथ ही इसी समय उनकी बायपास सर्जरी भी की गई थी. शशि कपूर ने 160 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया और अपने अभिनय के चलते उन्‍हें 3 बार राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार दिया जा

शशि कपूर का असली नाम बलबीर राज कपूर था। उन्होंने बतौर चाइल्ड एक्टर अपने भाई राज कपूर की फिल्म ‘आवारा’ और ‘आग’ में काम किया था। साल 2011 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया था। साल 2015 में उन्हें 2014 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

शशि कपूर मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती थे। शशि कपूर को साल 2014 से चेस्ट में तकलीफ थी। इससे पहले उनकी बायपास सर्जरी भी हुई थी। उनके निधन का समाचार मिलते ही उनके भतीजे ऋषि कपूर दिल्ली में अपनी फिल्म की शूटिंग छोड़ मुंबई रवाना हो गए। 1984 में पत्नी जेनिफर की कैंसर से मौत के बाद शशि कपूर काफी अकेले रहने लगे थे और उनकी तबीयत भी बिगड़ती गई। बीमारी की वजह से शशि कपूर ने फिल्मों से दूरी बना ली। शशि के तीन बच्चे करण कपूर, कुनाल कपूर और संजना कपूर हैं।

शशि अपने पिता के ‘पृथ्वी थियेटर्स’ से एक्टिंग की शुरुआत की थी। शशि कपूर ने गैर परम्परागत किस्म की भूमिकाओं के साथ सिनेमा के परदे पर आगाज किया था। उन्होंने सांप्रदायिक दंगों पर आधारित फिल्म ‘धर्मपुत्र’ में काम किया था। उसके बाद चार दीवारी और प्रेमपत्र जैसी ऑफ बीट फिल्मों में नजर आये। वे हिंदी सिनेमा के पहले ऐसे अभिनेता थे जिन्होंने ‘हाउसहोल्डर’ और ‘शेक्सपियर वाला’ जैसी अंग्रेजी फिल्मो में मुख्या भूमिकाएं निभाईं।

70 के दशक में शशि कपूर और अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘दीवार’ सुपरहिट रही। इसके अलावा उन्होंने ‘सत्य शिवम सुंदरम’, ‘नमक हलाल’, ‘जब-जब फूल खिले’ और ‘कभी-कभी’ जैसी सुपर हिट फिल्मों में काम किया था।

ਚਾਈਨਾ ਦੀ ਸਚਾਈ ਦੇਖ ਕੇ ਰੋਂਗਟੇ ਖੜੇ ਹੋ ਜਾਣਗੇ (ਦੇਖੋ ਜਿਗਰੇ ਨਾਲ ਵੀਡੀਓ )

Dekho China Di Schaee ( Video )

In this video clip you can watch a very sad Latest News From Punjab ( Video ) . Dekho China Di Schaee ( Video ) i full hope you not like this video clip . i also hope you think about this video clip . thanks for watching this video clip.

i full hope you like this video clip. if you like this video clip kindly shear this video clip with your own friends i hope your all friends like this video clip. Thanks for watching this video clip .

Term of Service – We do not own copyright of this Content on this website. The copyright belongs to the respective owners of the videos uploaded to Youtube . If you find any Content infringe your copyright or trademark, and want it to be removed from this website, or replaced by your original content, please contact us.

ਆਹ ਦੇਖੋ ਹਸਪਤਾਲ ’ਚ ਡਾਕਟਰਾਂ ਦੀ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਦਾ ਮਾਮਲਾ ਕਿੰਨੀ ਸ਼ਰਮ ਵਾਲੀ ਗੱਲ ਆ ..

ਨਵੀਂ ਦਿੱਲੀ: ਹਾਲੇ ਦਿੱਲੀ ਵਿੱਚ ਡੇਂਗੂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਦਾਖ਼ਲ ਬੱਚੀ ਦੀ ਮੌਤ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁਰੂਗ੍ਰਾਮ ਦੇ ਫੋਰਟਿਸ ਹਸਪਤਾਲ ਨੇ 18 ਲੱਖ ਦਾ ਬਿੱਲ ਦਾ ਮਾਮਲ ਸੁਲਝਿਆ ਨਹੀਂ ਕਿ ਹੁਣ ਅਜਿਹੇ ਇੱਕ ਹੋਰ ਵੱਡਾ ਹਸਪਤਾਲ ਨੇ ਵੱਡਾ ਕਾਰਨਾਮਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਮੈਕਸ ਹਸਪਤਾਲ ’ਚ ਡਾਕਟਰਾਂ ਦੀ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਦਾ ਮਾਮਲਾ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਹੈ ਜਦੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨਵਜੰਮੇ ਜੌੜੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਮ੍ਰਿਤਕ ਐਲਾਨ ਦਿੱਤਾ ਜਦਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਇਕ ਜਿਊਂਦਾ ਸੀ।ਵੱਡੇ ਹਸਪਤਾਲ ਦਾ ਵੱਡਾ ਕਾਰਨਾਮਾ, ਜਿਉਂਦੀ ਬੱਚੀ ਨੂੰ ਮ੍ਰਿਤਕ ਐਲਾਨਿਆ

ਮਾਪਿਆਂ ਨੂੰ ਬੱਚੇ ਦੇ ਜਿਊਂਦੇ ਹੋਣ ਦਾ ਪਤਾ ਉਦੋਂ ਲੱਗਾ ਜਦੋਂ ਆਖ਼ਰੀ ਰਸਮਾਂ ਲਈ ਉਹ ਸ਼ਮਸ਼ਾਨ ਘਾਟ ਜਾ ਰਹੇ ਸਨ। ਵਰਸ਼ਾ ਨਾਂ ਦੀ ਔਰਤ ਨੂੰ 28 ਨਵੰਬਰ ਨੂੰ ਹਸਪਤਾਲ ’ਚ ਭਰਤੀ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ ਸੀ। ਉਸ ਨੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ 30 ਨਵੰਬਰ ਨੂੰ ਦੋ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਜਨਮ ਦਿੱਤਾ। ਕੁੜੀ ਦੀ ਮੌਕੇ ’ਤੇ ਹੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ ਜਦਕਿ ਦੂਜੇ ਬੱਚੇ ਨੂੰ ਕੁਝ ਸਮੇਂ ਮਗਰੋਂ ਡਾਕਟਰਾਂ ਨੇ ਮ੍ਰਿਤਕ ਐਲਾਨ ਦਿੱਤਾ। ਜਦੋਂ ਇਕ ਬੱਚੇ ਦੇ ਜਿਊਂਦੇ ਹੋਣ ਦਾ ਪਤਾ ਲੱਗਿਆ ਤਾਂ ਮਾਪਿਆਂ ਨੇ ਮੈਕਸ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿਖੇ ਹੰਗਾਮਾ ਵੀ ਕੀਤਾ ਤੇ ਪੁਲੀਸ ਨੂੰ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਕੀਤੀ।

ਇਸ ’ਤੇ ਹਸਪਤਾਲ ਨੇ ਡਾਕਟਰ ਨੂੰ ਛੁੱਟੀ ’ਤੇ ਭੇਜ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਉਧਰ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਦਿੱਲੀ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਰਿਪੋਰਟ ਮੰਗ ਲਈ ਹੈ। ਦਿੱਲੀ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਜਾਂਚ ਦੇ ਹੁਕਮ ਦਿੰਦਿਆਂ ਤਿੰਨ ਦਿਨਾਂ ’ਚ ਮੁਢਲੀ ਰਿਪੋਰਟ ਮੰਗ ਲਈ ਹੈ

ਅਮਰੀਕਾ ਚ ਮਾਰੇ ਗਏ ਪੁੱਤ ਦੀ ਮੌਤ ਦੀ ਖਬਰ ਸੁਣ ਮਾਂ ਨੇ ਵੀ ਤੋੜਿਆ ਦਮ II ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ‘ਚ ਹੀ ਤੀਜੇ ਪੰਜਾਬੀ ਦੇ ਕਤਲ

ਵਿਦੇਸ਼ਾਂ ‘ਚ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਦੇ ਕਤਲ ਦੀਆਂ ਖਬਰਾਂ ਨੇ ਪੰਜਾਬੀ ਭਾਈਚਾਰੇ ਨੂੰ ਹਿਲਾ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਧਰਮਪ੍ਰੀਤ ਜੱਸੜ (ਫਗਵਾੜੇ) ਦੇ ਕਤਲ ਦੀ ਹਾਲੇ ਸਿਆਹੀ ਨਹੀਂ ਸੀ ਸੁੱਕੀ ਕਿ ਫਿਰ

 

ਸੰਦੀਪ ਕੁਮਾਰ (ਜਲੰਧਰ) ਦੀ ਮੌਤ ਦੀ ਖਬਰ ਮਿਲੀ। ਇਸ ਦਰਦ ‘ਚੋਂ ਅਜੇ ਪੰਜਾਬੀ ਭਾਈਚਾਰਾ ਉੱਭਰਿਆ ਵੀ ਨਹੀਂ ਸੀ ਕਿ ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ‘ਚ ਹੀ ਤੀਜੇ ਪੰਜਾਬੀ ਦੇ ਕਤਲ ਦੀ ਖਬਰ ਆ ਗਈ।

 

ਸੂਤਰਾਂ ਮੁਤਾਬਕ ਤਿੰਨ ਕੁ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਸਾਊਥ-ਵਿਸਟ ਬੇਕਰਸਫੀਲਡ ਦੇ ਕੈਂਬਰਿੱਜ਼ ਅਪਾਰਟਮੈਂਟ ਦੇ ਪਾਰਕਿੰਗ ਲਾਟ ‘ਚ ਤਕਰੀਬਨ ਅੱਧੀ ਰਾਤ ਨੂੰ ਇੱਕ ਹੋਰ ਪੰਜਾਬੀ ਨੌਜਵਾਨ ਦੀ ਲਾਸ਼ ਮਿਲੀ ਹੈ। ਪੁਲਸ ਇਸ ਤਹਿਕੀਕਾਤ ਵਿੱਚ ਲੋਕਾਂ ਤੋਂ ਮਦਦ ਮੰਗ ਰਹੀ ਹੈ। ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੀ ਪਛਾਣ ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਟਿਵਾਣਾ ਦੇ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਹੋਈ ਹੈ

 

ਤੇ ਉਸ ਦੀ ਉਮਰ ਤਕਰੀਬਨ 30 ਕੁ ਸਾਲ ਸੀ। ਉਹ ਪਟਿਆਲੇ ਦੇ ਪਿੰਡ ਦਿੱਤੂਪੁਰ ਜੱਟਾਂ ਦਾ ਨਿਵਾਸੀ ਸੀ। ਪੁਲਸ ਨੂੰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਇਸ ਕਤਲ ਸਬੰਧੀ ਕੋਈ ਵੀ ਸੁਰਾਗ ਹੱਥ ਨਹੀਂ ਲੱਗਾ। ਪਤਾ ਲੱਗਾ ਕਿ ਹਰਦੀਪ ਦੀ ਮੌਤ ਸਿਰ ਵਿੱਚ ਗੋਲੀ ਲੱਗਣ ਕਾਰਨ ਹੋਈ ਹੈ।

ਜਾਂਚ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਕੋਲ ਇਸ ਕਤਲ ਸੰਬੰਧੀ ਕੋਈ ਵੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਉਹ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਬੇਕਰਸਫੀਲਡ ਪੁਲਸ ਡਿਪਾਰਟਮੈਂਟ ਨੂੰ ਇਸ ਨੰਬਰ ‭(661) 327-7111‬ ‘ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰੇ ਤਾਂ ਕਿ ਜਲਦੀ ਤੋਂ ਜਲਦੀ ਕਾਤਲ ਦਾ ਪਤਾ ਲਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕੇ।

 

ਮਾਰੇ ਗਏ ਪੁੱਤ ਦੀ ਮੌਤ ਦੀ ਖਬਰ ਸੁਣ ਮਾਂ ਨੇ ਵੀ ਤੋੜਿਆ ਦਮ –ਅਮਰੀਕਾ ਦੇ ਕੈਂਬਰਿੱਜ਼ ‘ਚ ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ (30) ਦਾ ਅਣਪਛਾਤੇ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਸਿਰ ‘ਚ ਗੋਲੀ ਮਾਰ ਕੇ ਕਤਲ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ। ਮ੍ਰਿਤਕ ਨਾਭਾ ਬਲਾਕ ਦੇ ਪਿੰਡ ਦਿੱਤੋਪੁਰ ਦਾ ਰਹਿਣ ਵਾਲਾ ਸੀ ਤੇ ਉਹ ਅੱਠ ਸਾਲ ਪਹਿਲਾਂ ਅਮਰੀਕਾ ਗਿਆ ਸੀ।

ਸੂਤਰਾ ਤੋਂ ਮਿਲੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮੁਤੀਬਕ ਜਦੋਂ ਉਕਤ ਨੌਜਵਾਨ ਦੀ ਮਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਪੁੱਤਰ ਦੀ ਮੌਤ ਦੀ ਖਬਰ ਮਿਲੀ ਤਾਂ ਉਹ ਇਸ ਸਦਮੇ ਨੂੰ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕੀ। ਬੁੱਧਵਾਰ ਉਸ ਦੀ ਵੀ ਮੌਕੇ ‘ਤੇ ਹੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ।

2 ਹਫਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਹੋਇਆ ਸੀ ਵਿਆਹ, ਸੜਕ ਹਾਦਸੇ ‘ਚ ਗਈ ਜਾਨ..

ਇਥੋਂ ਦੇ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਰਹੇ ਦਰਬਾਰਾ ਸਿੰਘ ਚਹਿਲ ਦੇ ਘਰ ਉਸ ਸਮੇਂ ਸੋਗ ਦਾ ਮਾਹੌਲ ਬਣ ਗਿਆ ਜਦੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪਤਾ ਲੱਗਿਆ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਘਰ ਦਾ ਚਿਰਾਗ ਬੁਝ ਚੁੱਕਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਬੇਟੇ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਦੀ ਅੱਜ ਇੱਕ ਸੜਕ ਦੁਰਘਟਨਾ ‘ਚ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ। ਜਿਸ ਦਾ ਵਿਆਹ ਅਜੇ 13 ਕੁ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਹੋਇਆ ਸੀ।

punjab

Road Accident Malerkotla

ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਆਪਣੇ ਮਾਪਿਆਂ ਦਾ ਇਕਲੌਤਾ ਬੇਟਾ ਸੀ ਅਤੇ ਡੇਰਾਬਸੀ ਵਿੱਚ ਨੌਕਰੀ ਕਰਦਾ ਸੀ। ਰਾਤ ਵੇਲੇ ਜਦੋਂ ਇਹ ਜਾ ਰਿਹਾ ਸੀ ਤਾਂ ਕਿਸੇ ਅਣਪਛਾਤੇ ਵਾਹਨ ਨਾਲ ਇਸਦੀ ਟੱਕਰ ਹੋ ਗਈ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਇਸਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ।

punjab

ਉਸਦੇ ਘਰੋਂ ਜਾਣ ਮਗਰੋਂ ਪਰਿਵਾਰ ਪਰਿਵਾਰ ਵੱਲੋਂ ਉਸ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ, ਪਰ ਸੰਪਰਕ ਨਾ ਹੋ ਸਕਿਆ। ਸਵੇਰੇ ਵੇਲੇ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਜਾ ਕੇ ਹਾਦਸੇ ਦੀ ਖ਼ਬਰ ਦਿੱਤੀ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਪਰਿਵਾਰ ਵਿੱਚ ਮਾਤਮ ਛਾ ਗਿਆ।

ਤਾਜਾ ਵੱਡੀ ਖਬਰ – ਪੰਜਾਬ ਚ ਫਿਰ ਵਾਪਰਿਆ ਖੂਨੀ ਕਹਿਰ ਅਤੇ …..

ਲੁਧਿਆਣਾ (ਵਿਨਾਇਕ) : ਦੋਰਾਹਾ ਜੀ. ਟੀ. ਰੋਡ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਪੁਰਾਣੇ ਟੋਲ ਟੈਕਸ ਨੇੜੇ ਚੜ੍ਹਦੀ ਸਵੇਰ ਹੀ ਇਕ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀਆਂ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਉਸ ਸਮੇਂ ਗ੍ਰਹਿਣ ਲੱਗ ਗਿਆ, ਜਦੋਂ ਦਰਦਨਾਕ ਹਾਦਸੇ ਦੌਰਾਨ ਇਕ ਮੈਂਬਰ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ ਅਤੇ 2 ਮੈਂਬਰ ਗੰਭੀਰ ਜ਼ਖਮੀ ਹੋ ਗਏ।

 

ਜਾਣਕਾਰੀ ਮੁਤਾਬਕ ਸ਼ੁੱਕਰਵਾਰ ਸਵੇਰੇ ਕਰੀਬ 8 ਵਜੇ ਪੁਰਾਣੇ ਟੋਲ ਟੈਕਸ ਨੇੜੇ ਖੜ੍ਹੇ ਇਕ ਟਰੱਕ ਨਾਲ ਪਿੱਛਿਓਂ ਆ ਰਹੀ ਕਾਰ ਟਕਰਾ ਗਈ, ਜਿਸ ‘ਚ ਇੱਕੋ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ 3 ਮੈਂਬਰ ਸਵਾਰ ਸਨ। ਇਹ ਹਾਦਸਾ ਇੰਨਾ ਭਿਆਨਕ ਸੀ ਕਿ ਮੌਕੇ ‘ਤੇ ਹੀ ਇਕ ਮੈਂਬਰ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ, ਜਦੋਂ ਕਿ 2 ਮੈਂਬਰ ਗੰਭੀਰ ਰੂਪ ‘ਚ ਜ਼ਖਮੀ ਹੋ ਗਏ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਦੋਰਾਹਾ ਦੇ ਸਿੱਧੂ ਹਸਪਤਾਲ ‘ਚ ਭਰਤੀ ਕਰਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ।

ਇਹ ਹਾਦਸਾ ਇੰਨਾ ਭਿਆਨਕ ਸੀ ਕਿ ਗੱਡੀ ਦੇ ਪਰਖੱਚੇ ਉੱਡ ਗਏ ਅਤੇ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੀ ਲਾਸ਼ ਨੂੰ ਮੌਕੇ ‘ਤੇ ਪੁੱਜੀ ਪੁਲਸ ਨੇ ਬੜੀ ਮੁਸ਼ਕਲ ਨਾਲ ਬਾਹਰ ਕੱਢਿਆ। ਫਿਲਹਾਲ ਪੁਲਸ ਵਲੋਂ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ।