ਇਹ ਸਰਦਾਰ ਅੱਧੀ ਦੁਨੀਆ ਨੂੰ ਚੌਲ ਅਤੇ ਮੂੰਗਫਲੀ ਖਵਾਉਂਦਾ ਹੈ-ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਸ਼ੇਅਰ ਕਰੋ ਜੀ

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ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੇ ਸਿਮਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਹੁਣ ਅਰਜਨਟੀਨਾ ਦੇ ‘ਪੀਨਟ ਪ੍ਰਿੰਸ’ ਹੀ ਨਹੀਂ ਰਹੇ ਬਲਕਿ ਉੱਥੋਂ ਦੇ ਸਭ ਤੋਂ ਅਮੀਰ ਕਿਸਾਨ ਬਣ ਗਏ ਹਨ। ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਹੈਕਟੇਅਰ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਸਿਮਰਪਾਲ ਨੇ ਇਹ ਮਾਅਰਕਾ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਦੇ ਦਮ ਨਾਲ ਹੀ ਮਾਰਿਆ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਕੰਮ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਜਿ਼ਆਦਾ ਪੰਜਾਬੀ ਕਿਸਾਨ ਹਨ। ਕੁਝ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਉਹਨਾਂ ਸਭ ਤੋਂ ਅਮੀਰ ਕਿਸਾਨ ਐਲਾਨਿਆ ਗਿਆ ਹੈ। दुनिया में सरदार जहां भी जाते हैं, हमेशा झंडे गाड़ते हैं। ऐसी ही एक कहानी अर्जेंटीना के सिमरपाल सिंह की है। सिमरपाल अर्जेंटीना का पीनट्स किंग यानी मूंगफली का राजा कहा जाता है। उनकी सिंगापुर बेस्ड कंपनी ओलम इंटरनेशनल दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मूंगफली एक्सपोर्ट है। हजारों हेक्टेयर्स खेतों के मालिक सिमरपाल मूंगफली, सोया, मक्का और चावल की खेती करते हैं और पूरी दुनिया में एक्सपोर्ट करते हैं। अमृतसर का मुंडा कैसे पहुंचा अर्जेंटीना और कैसे बन बैठा मूंगफली राजा…

भारत से कैसे पहुंचे अर्जेंटीना-अमृतसर के सिमरपाल ने गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी से कृषि में बीएसी ऑनर्स किया था। फिर गुजरात इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट से एमबीए किया।अफ्रीका, घाना, आइवरी कोस्ट, और ईस्ट मोजाबिंक में काम करने के बाद उनकी फैमिली 2005 में अर्जेंटीना में जाकर बस गई।

शुुरुआत बेहद मुश्किल थी- एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में सिमरपाल ने बताया कि अर्जेंटीना में बड़े पैमाने पर खेती करना जोखिम भरा काम था। फिर भी भारी रकम देकर शुुरुआत में 40 हेक्टेयर जमीन कई तरह की फसलों और खेती के लिए खरीद ली। आज वो 20 हजार हेक्टेयर जमीन पर मूंगफली की खेती करते हैं। 10 हजार हेक्टेयर पर सोया और मक्का उगाते हैं। 1700 हेक्टेयर भूमि चावल की खेती के लिए पट्टे पर दे रखी है। सिमरपाल खेतों में इंडियन ट्रेडिशनल तरीके से खेती नहीं करते, बल्कि मशीनों से काम लेते हैं।

70 देशों में फैला है कारोबार- ओलम इंटरनेशनल का हेडक्वार्टर सिंगापुर में बनाया है। उनकी कंपनी के सीईओ और ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर भारतीय मूल के सनी जॉर्ज वर्गीस हैं। कंपनी का सालाना रेवेन्यू 8 खरब रु है। कंपनी के पास 47 कृषि से जुड़े उत्पाद हैं। वहीं, 70 देशों में कंपनी के 17 हजार कर्मचारी काम करते हैं।

200 कर्मचारी से चलाते हैं कंपनी-अर्जेंटीना में उनके ऑफिस में 200 कर्मचारियों में सिर्फ दो ही भारतीय हैं। उनकी पत्नी हरप्रीत और सिमर काम के दौरान हमेशा स्पेनिश बोलते हैं, लेकिन फैमिली में देसी भाषा में बात करते हैं। राजधानी ब्यूनस आयर्स में सिमर की लोकप्रियता से भारतीय के लिए दर्जनों रेस्टोरेंट खुल चुके हैं।

किंग कहने पर शरमा जाते हैं सिमरपाल- सिमरपाल ने इंटरव्यू में बताया कि जब अर्जेंटीना के लोग उन्हें प्रिंस या किंग कहकर बुलाते हैं तो उन्हें शर्म आती है। उन्होंने बताया कि हर कोई उनकी पगड़ी का फैन है। यहं लोग साेचते हैं कि पगड़ी पहनना वाला अमीर और शाही परिवार से है। सिमर के मुताबिक, उनका बचपन प. बंगाल के दुर्गापुर में बीता, जो राज्य का औद्योगिक क्षेत्र है। वे बचपन से ही अर्जेंटीना फुटबॉल टीम का समर्थक थे। उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि एक दिन यहां काम करने आएंगे।

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